Skip to main content

Posts

गुजरात ब्लास्ट में 56 लोगों की मौतों का मोस्ट वॉन्टेड आतंकी अब्दुल सुभान 10 साल बाद अरेस्ट

आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
भारत में छद्दम धर्म-निरपेक्ष किसी न किसी बहाने नरेन्द्र मोदी विरोध कर जनता को गुमराह करने का कारण आतंकवादियों के कन्धे पर बैठ हिन्दू को बदनाम करने की जो मुहिम चला रखी है, का मुख्य कारण है, एक कश्मीर में आए-दिन आतंकवादियों को 72 हूरों के पास पहुँचाना और देश के अन्य भागों से किसी न किसी आतंकवादी को पकड़ने से इनकी साम्प्रदायिकता का पर्दाफाश होना। हिन्दू हित की बात करने वाले को साम्प्रदायिक, फिरकापरस्त और न जाने किन-किन नामों से अलंकृत कर वोट-बैंक को किसी भी प्रकार से बदनाम नहीं होने देते थे। जबकि आज इनके वोट बैंक से अधिक परेशान छद्दम धर्म-निरपेक्ष ही हैं।   
इंडियन मुजाहिदीन-SIMI के आतंकी अब्दुल सुभान कुरैशी को गिरफ्तार कर गणतंत्र दिवस के ठीक पहले आतंकी हमले के मद्देनजर अलर्ट दिल्ली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है लिया। गिरफ्तारी से पहले कुरैशी और पुलिस के बीच गोलीबारी भी हुई। पुलिस ने बताया कि वह 2008 में गुजरात के सीरियल ब्लास्ट का मास्टरमाइंड था और कई साल से नेपाल में रह रहा था।
कुरैशी साल 2008 में हुये गुजरात सीरियल ब्लास्ट का मास्टरमाइंड है. उसे भारत का बिन …
Recent posts

जब रिहायशी इलाकों में फैक्ट्री नहीं लग सकती,बम फैक्ट्री कैसे चल रही थी?-- विजय गोयल, केन्द्रीय मंत्री

आर.बी.एल.निगम,वरिष्ठ पत्रकार 
आज, जनवरी 22 को भारतीय जनता पार्टी जिला चाँदनी चौक के अरविन्द गर्ग की अध्यक्षता में गौरी शंकर मन्दिर, चाँदनी चौक पर बवाना अग्नि कांड में 17 लोगों के मरने पर धरना दिया गया। जिसे अरविन्द के अतिरिक्त मोती सोढ़ी, दिनेश जैन, श्रीमती गीता चौहान, सतीश गुप्ता, शकील अंजुम आदि नेताओं ने अरविन्द केजरीवाल सरकार की लापरवाही के कारण बेगुनाह मज़दूरों की मौत पर शोक प्रकट किया। दिल्ली की समस्याओं से जूझने वाले चाँदनी चौक के पूर्व सांसद एवं वर्तमान केन्द्रीय मन्त्री विजय गोयल विशेष अतिथि थे। 
विजय गोयल ने अपने अतिसंक्षिप्त भाषण में बताया कि केजरीवाल का काम केवल मोदी की करना और दिल्ली नगर निगम की आलोचना करना है। उन्हें नहीं पता दिल्ली में क्या हो रहा है? अवैध रूप से बम बनाने की फैक्ट्री चल रही है, न केजरीवाल को इसकी खबर और नहीं ही इनके मंत्री सत्येंद्र जैन को होश। टीवी पर आने पर उन्हें मालूम होता है कि दिल्ली में कुछ हुआ है, चलो। जब कि मुख्यमंत्री से पहले मै वहां पहुँच गया था। जब रिहायशी इलाकों में किसी भी तरह की फैक्ट्री नहीं लग सकती, फिर क्या कारण है कि आतिशबाज़ी, बम फैक्ट्री …

कश्मीर में हुए नरसंहार के कातिल कब पकडे जाएँगे?

आज से सही 28 वर्ष पूर्व, घाटी की मस्जिदों से लाउडस्पीकर पर आवाज़ आने लगी थी,
कश्मीरी पंडितो या तो मुस्लिम बन जाओ या मरने के लिए तैयार हो जाओ।
कश्मीर से निकलने वाले उर्दू समाचार पत्रों में साफ़ लिखा आता था, की कश्मीरी पंडितो कश्मीर छोड़ दो।
19 जनवरी 1990 की वो भयानक रात, जब, उस समय की केंद्र सरकार ने कश्मीर से पंडितो को भगाने की रणनीति चली, और सिर्फ एक रात के लिए, फारुख अब्दुला की सरकार को हटा दिया, उस एक रात के लिए, न कश्मीर में सेना थी, न सरकार और न ही पुलिस।
मस्जिदों से मुस्लिमो को आदेश दिया जा रहा था, की कश्मीरी पंडितो की महिलाओ को रख लो और पुरुषो को मौत के घात उतार दो।
और वही हुआ, वहां के मुस्लिमो ने महिलाओ को और छोटी बच्चीयो को उठा कर रेप करना शुरू कर दिया, और एक ही रात में करीब 3 लाख कश्मीरी पंडित घाटी छोड़ कर भाग खड़े हुए।
दरअसल ये खेल शुरू किया था, एक जिहादी संघठन, जमात ए इस्लामी ने, जिसने कश्मीरी पंडितो के घर के दरवाजों पर नोट लगा दिया था, की हम मुस्लिम सब एक है , तुम भागो या मरो'।
और इस का साथ दिया, उस समय की केंद्र सरकार ने उस एक रात के लिए, सरकार और प्रशाशन को हटा कर, मुस्लिमो के …

पद्मावती: यह क्या हो रहा है, सरकार क्या कर रही है?

पद्मावति फिल्म पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से भाजपा के हाथ पांव फूल गए हैं। दरअसल, राजस्थान के दो लोकसभा क्षेत्रों अजमेर और अलवर में 29 जनवरी को उपचुनाव होने हैं और पद्मावत के खिलाफ सबसे ज्यादा विरोध राजस्थान में ही हुआ है। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भाजपा को इन उपचुनावों की चिन्ता है। अंग्रेजी दैनिक  टेलीग्राफ के मुताबिक, भाजपा के एक प्रवक्ता ने कहा कि उन्हें इस विषय पर बोलने से मना किया गया है। 2014 के चुनाव में भाजपा ने अजमेर और अलवर से क्रम से कांग्रेस के दिग्गज सचिन पायलट और भंवर जितेन्द्र सिंह को हराया था। पर दोनों ही सांसदों का निधन होने से अब उपचुनाव हो रहे हैं। फिल्म को मुद्दा बनाने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट में हार के बाद भाजपा की हालत खराब है। इसी मारे कल टीवी पर करणी सेना के नेताओं को आग उगलने दिया गया और भारत बंद की अपील तक हो गई। इसे आज  इंडियन एक्सप्रेस ने अच्छे से छापा है। इंडियन एक्सप्रेस की खबर के आलोक में मीडिया की भूमिका और सरकार व भाजपा की चुप्पी पर एक टिप्पणी पढ़िये।
‘इंडियन एक्सप्रेस’ की यह पहली खबर है और ऊपर की लाइनें – शीर्षक का अनुवाद है, जो अख…

इंटरव्‍यू में ‘पकौड़ा तलने’ का उदाहरण देकर घिर गए पीएम नरेंद्र मोदी

जनवरी 19 की रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2018 का पहला इंटरव्यू दिया। हिंदी चैनल जी न्यूज को दिए इस खास इंटरव्यू में पीएम मोदी ने राजनीति, अर्थव्यवस्था, अंतराष्ट्रीय मसले और कूटनीति से लेकर रोजगार तक के मुद्दों पर बात की। उनसे जब एंकर सुधीर चौधरी ने सरकार द्वारा किए गए रोजगार के अवसर पैदा करने के वादे के मामले पर सवाल किया तब पीएम मोदी ने पकौड़ा तलने का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि अगर जी टीवी के बाहर कोई व्यक्ति पकौड़ा बेच रहा है तो क्या वह रोजगार होगा या नहीं.
दरअसल एंकर ने श्रम मंत्रालय के आंकड़े पेश करते हुए सवाल किया था कि क्या सरकार नौकरियां पैदा करने की दिशा में सही रास्ते पर चल रही है या नहीं। रोजगार के आंकड़ें पूछने पर पीएम मोदी के इस जवाब पर वह सोशल मीडिया में तेजी से ट्रोल हो रहे हैं। कई यूजर्स ने सरकार पर रोजगार के नए अवसर नहीं पैदा करने को लेकर उनपर तंज कसा है।
View image on Twitter Abhishek@abhi_leo1 Look what have people Elected as PM??
Directing the question on Employment to a "पकौड़े वाला "
Anyways चाय-पकौड़ा combo is awesome as ever !!

मध्य प्रदेश के भी 3 मंत्री, 116 विधायक “लाभ के पद” (office of profit) मामले में फंसे

मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह सरकार की मुसीबत लगातार बढ़ती जा रही है। रासुका का डर दिखाकर व्यापारियों को चुप कराया तो कर्मचारी भड़क पड़े। इधर चुनाव आयोग ने उनके प्रिय मंत्री नरोत्तम मिश्रा को अपात्र घोषित कर दिया। प्रदेश की शिवराज सरकार के मंत्री नरोत्तम मिश्रा पर चुनाव आयोग की कार्रवाई पर सियासत अभी थमी नहीं थी कि अब मप्र के 116 विधायकों पर भी इसी तरह की कार्रवाई का खतरा मंडराने लगा है। हालांकि नरोत्तम मिश्रा का मामला चुनाव के दौरान पेड न्यूज और करप्ट प्रैक्टिस से जुड़ा हुआ है। लेकिन आम आदमी पार्टी की शिकायत पर अब चुनाव आयोग ने लाभ के पद मामले में प्रदेश के 116 विधायकों के खिलाफ कार्रवाई शुरु की है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कहते थे "न खाऊंगा, न खाने दूंगा", आज उनके ही कर्णधार किस तरह जनता की आँखों में धूल झोंकते रहे और आम आदमी पार्टी की कमियों पर विधवा-विलाप करते रहते हैं। जबकि अपने विधायकों को अपने साथ जुड़ा रखने के लिए क्या-क्या नहीं किया, सार्वजनिक हो रहा है। या यूँ भी कहा जा सकता है कि पार्टी कोई भी हो, "हमाम में नंगे सभी हैं, दूध का धुला कोई नहीं।"  
अवलोकन करें:--
h…

क्या भाजपा छत्तीसगढ़ सरकार बचा पाएगी?

चुनाव आयोग ने आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को ‘लाभ का पद’ रखने के मामले में अयोग्‍य घोषित कर दिया है। वे सभी संसदीय सचिव के पद पर थे। ऐसा ही मामला छत्‍तीसगढ़ में भी है, जहां 11 भाजपा विधायक संसदीय सचिव के रूप में काम कर रहे हैं। कांग्रेस ने चुनाव आयोग से छत्‍तीसगढ़ के संसदीय सचिवों पर भी वही नियम लागू करते हुए उन्‍हें अयोग्‍य घोषित किए जाने की मांग की है। अगर ऐसा होता है रमन सिंह की सरकार पर खतरे के बादल मंडराने लगेंगे। 90 सदस्‍यीय विधानसभा में बीजेपी के 49 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के 39 और एक निर्दलीय तथा एक बसपा विधायक है। अगर 11 विधायकों को अयोग्‍य घोषित किया जाता है तो सदन में 79 सदस्‍य रह जाएंगे और बहुमत का आंकड़ा 40 हो जाएगा। ऐसे में भाजपा को इकलौते निर्दलीय और एक बसपा विधायक की मदद की जरूरत होगी। अगर उनका समर्थन भाजपा को नहीं मिलता तो बीजेपी हाथ से छत्‍तीसगढ़ फिसल सकता है।
अवलोकन करें:--

दिल्ली की आग पहुंची हरियाणा आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों की सदस्यता रद्द करने की सिफारिश के बाद हरियाणा भाजपा के 4 विधायकों की सदस्यता रद्द करन..... NIGAMRAJENDRA28.BLOGSPOT.PE

AUTHOR

My photo
To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)