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Showing posts from August, 2017

एक मारेंगे 10 और पैदा होंगे'-- मीरवाइज उमर फारूक

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वरिष्ठ कश्मीरी अलगाववादी नेता मीरवाइज उमर फारूक ने शुक्रवार (18 अगस्त) को भारत को चेताया कि दमन से कश्मीर की समस्या कभी नहीं हल हो सकती और एक आतंकवादी को मारने से दस और आतंकवादी ही पैदा होंगे. नोहट्टा इलाके के जामिया मस्जिद में शुक्रवार की नमाज के दौरान एक तीखे भाषण में मीरवाइज उमर ने कहा, "आक्रामकता और दमन कभी मुद्दों को हल नहीं कर सकते, बल्कि केवल उन्हें बढ़ाते हैं." उन्होंने कहा, "जब तक दमन और सुरक्षा बल रहेंगे तो राज्य में प्रतिक्रिया होगी. आप एक (आतंकी) को मारेंगे तो 10 खड़े होंगे. उन्हें (आतंकवादियों को) मारना कोई हल नहीं है, इसका साक्ष्य उनके जनाजे में लोगों की भारी भीड़ का होना है." उन्होंने कहा, "जो लोग सोचते हैं कि कश्मीर की समस्या आतंकवादियों को मारने से खत्म हो जाएगी, उन्हें यह जरूर समझना चाहिए कि आतंकवाद दमन की एक प्रतिक्रिया है." हुर्रियत कांफ्रेंस के उदारवादी धड़े के नेता मीरवाइज ने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर के लोग अपनी राजनीतिक समस्या के अंतिम समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं और केवल इससे ही उनकी तकलीफें खत्म होंगी. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे क…

हलाला : एक इस्लामिक प्रथा या कुरीति ?

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हलाला के नाम पर मुस्लिम महिलाओं से हो रही ज्यादती के मद्देनजर एक न्यूज चैनल ने स्टिंग अॉपरेशन किया है। इसमें कई काजी, मौलानाओं से बात की गई, जिसमें चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। इन लोगों ने हलाला के रेट्स तय किए हुए हैं। एक शख्स तो एक रात के लिए एक महिला का शौहर बनने के लिए उतारू नजर आया। इसके एवज में उसे 50 हजार रुपये दिए जाने की पेशकश की गई थी। इसी को लेकर आज तक न्यूज चैनल पर एक पैनल डिस्कशन हुई। इसमें बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा, इस्लामिक स्कॉलर अतीकुर रहमान, इमाम असोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी, संघ विचारक राकेश सिन्हा, पीड़ित महिला शाजिया शान और दो अन्य पीड़ित रुबिना और रिशा खान शामिल थे। इस दौरान शाजिया खान ने मौलाना साजिद रशीदी से पूछा कि एक लड़के को खरीद कर एक हजार रुपये में उसका हलाला कराया गया था, वो क्या था। इस पर उन्होंने कहा कि यह इस्लाम के तहत हराम है। जिसने भी आपके साथ यह किया है, हम उसे सजा दिलाएंगे। इस पर एंकर अंजना ओम कश्यप ने जानना चाहा कि एेसी महिलाओं को इंसाफ कौन देगा तो उन्होंने कुछ नहीं कहा। 
ये उतना ही भद्दा है, जितना सुनने में लगता है कि बड़ी संख्या म…